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लोन न चुकाने पर क्या जेल हो सकती है? जानिए सच्चाई

Writer: Nishath Saani
Nishath Saani
4 days ago
3 min read

"आज पैसे भरो वरना पुलिस आएगी।" लोन ऐप या पर्सनल लोन की EMI में देरी होने पर कई लोगों को ऐसी धमकियां मिलती हैं। ये धमकियां डराने के लिए होती हैं। इस लेख में हम आसान भाषा में बताएंगे कि भारतीय कानून क्या कहता है, किन खास हालात में आपराधिक कानून लागू हो सकता है, और धमकी मिलने पर आपको क्या करना चाहिए।


सीधा जवाब

भारत में सिर्फ लोन न चुका पाना अपराध नहीं है। लोन एक अनुबंध है, और उसे न चुकाना सिविल डिफॉल्ट है। लेंडर सिविल केस, आर्बिट्रेशन, बड़ी रकम के लिए डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल, या लोक अदालत के जरिए वसूली कर सकता है। सिर्फ EMI न भरने पर लेंडर या रिकवरी एजेंट आपको गिरफ्तार नहीं करवा सकता।


कब मामला आपराधिक बन सकता है

  • चेक बाउंस: EMI का चेक बाउंस होने पर लेंडर नोटिस भेजकर नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत कार्रवाई कर सकता है। नोटिस मिलने के बाद आपके पास भुगतान के लिए 15 दिन होते हैं।

  • ऑटो-डेबिट (ECS/NACH) फेल: इस पर पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट की धारा 25 जैसा प्रावधान लागू हो सकता है।

  • शुरू से धोखाधड़ी: अगर किसी ने नकली दस्तावेज़ से या कभी न चुकाने की नीयत से लोन लिया हो। नौकरी जाने या मुश्किल हालात की वजह से बाद में न चुका पाना धोखाधड़ी नहीं है।

चेक बाउंस के मामलों में भी लेंडर से किसी भी समय समझौता हो सकता है। अंग्रेज़ी में धारा 138 नोटिस पर पूरी गाइड पढ़ें।


रिकवरी एजेंट क्या नहीं कर सकते

RBI के नियमों के अनुसार रिकवरी एजेंट आपको धमका नहीं सकते, गाली नहीं दे सकते, गलत समय पर कॉल नहीं कर सकते, और आपके परिवार, दोस्तों या सहकर्मियों के सामने आपको बेइज़्ज़त नहीं कर सकते। रिकवरी एजेंट के पास किसी को गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं है।


नकली "वारंट" और पुलिस की धमकी मिले तो

  1. घबराकर किसी अनजान लिंक से पैसे न भरें। लोन और रकम लेंडर से सीधे जांचें।

  2. स्क्रीनशॉट, कॉल रिकॉर्ड और वॉइस मैसेज सुरक्षित रखें।

  3. धमकी या फोटो के गलत इस्तेमाल की शिकायत 1930 पर या cybercrime.gov.in पर करें।

  4. लेंडर के ग्रीवेंस ऑफिसर को लिखित शिकायत दें, और हल न हो तो cms.rbi.org.in पर RBI लोकपाल से शिकायत करें।


धमकियां खत्म करने का असली तरीका

धमकियां तभी रुकती हैं जब लोन का हल निकलता है, जैसे नया भुगतान प्लान या सेटलमेंट। हमारी पेडे और लोन ऐप सेटलमेंट सेवा आपके लेंडर से बातचीत में मदद करती है।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल


क्या पर्सनल लोन न चुकाने पर गिरफ्तारी हो सकती है?

सिर्फ लोन न चुका पाने पर नहीं। यह सिविल मामला है। आपराधिक कार्रवाई केवल खास मामलों में होती है, जैसे चेक बाउंस या लोन लेते समय साबित धोखाधड़ी।


क्या रिकवरी एजेंट पुलिस को घर ला सकता है?

रिकवरी एजेंट के पास गिरफ्तारी का अधिकार नहीं है। गिरफ्तारी की धमकी देना RBI के रिकवरी नियमों का उल्लंघन है और इसकी शिकायत की जा सकती है।


EMI का चेक बाउंस हो जाए तो क्या जेल होगी?

चेक बाउंस पर धारा 138 का केस हो सकता है, लेकिन केवल तब जब नोटिस मिलने के 15 दिन के भीतर चेक की रकम न चुकाई जाए। इस केस में भी लेंडर से समझौता हो सकता है।



यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। अपने मामले के लिए किसी योग्य वकील से सलाह लें।


Payday Rescue के बारे में: Payday Rescue Pvt. Ltd. बेंगलुरु स्थित डेट एडवाइज़री और नेगोशिएशन सेवा है, जिसने पूरे भारत में 2K+ कर्ज़दारों की मदद की है। हम लेंडर, NBFC या लॉ फर्म नहीं हैं। ऑफिस: 1198, बेसमेंट फ्लोर, 3rd मेन, 8th क्रॉस रोड, BDA लेआउट, चंद्रा लेआउट, बेंगलुरु 560026।

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